ललिता सप्तमी 2026: सही तिथि व मुहूर्त!

ललिता सप्तमी 2026: जानें तिथि, मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि!

ललिता सप्तमी 2026: ललिता सप्तमी को सनातन धर्म में बेहद धूमधाम और उत्साह से मनाया जाता है जो ललिता देवी को समर्पित होती है। माता ललिता भगवान कृष्ण और राधा रानी की परम भक्त मानी जाती है। हर साल ललिता सप्तमी का पर्व जन्माष्टमी और राधा अष्टमी के बीच पड़ता है इसलिए इस त्योहार का विशेष धार्मिक महत्व है।

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एस्ट्रोसेज एआई अपने पाठकों के लिए “ललिता सप्तमी 2026” का यह विशेष ब्लॉग लेकर आया है जिसके अंतर्गत आपको इस पर्व की सही तिथि, मुहूर्त, और महत्व आदि के बारे में जानकारी प्राप्त होगी। तो आइए बिना देर किए अब हम आगे बढ़ते हैं और सबसे पहले अवगत करवाते हैं ललिता सप्तमी 2026 के बारे में सब कुछ।

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ललिता सप्तमी 2026: तिथि एवं मुहूर्त 

हिंदू पंचांग के अनुसार, ललिता सप्तमी का पर्व भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर मनाई जाती है। इस साल ललिता सप्तमी 17 सितंबर 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी। बता दें कि ललिता सप्तमी का त्योहार राधा अष्टमी से एक दिन पहले और जन्माष्टमी से 14 दिन पूर्व मनाई जाती है। ऐसे में, यह पर्व बेहद ख़ास हो जाता है।

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ललिता देवी कौन थीं?

ललिता देवी को वैष्णव समुदाय में विशेष स्थान दिया गया है। बता दें कि इन्हें वृंदावन की प्रमुख गोपियों में से एक और अष्ट सखियों में सबसे मुख्य माना जाता है। अष्टसखियों में विशाखा, तुंगविद्या, चित्रलेखा, इंदुलेखा, चंपकलता, सुदेवी और रंगदेवी आदि शामिल हैं। इन आठ देवियों को राधा रानी और भगवान कृष्ण के प्रति निस्वार्थ भक्ति और सेवा के लिए जाना जाता हैं।

ललिता देवी को अष्ट सखियों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है जो राधारानी की सबसे करीबी सखी थीं। साथ ही, वह हमेशा उनकी सहायता और रक्षा करती थीं। इनकी भक्ति का एकमात्र उद्देश्य राधा-कृष्ण की प्रसन्नता और निस्वार्थ सेवा था।

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 धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ललिता देवी राधा रानी से 14 वर्ष, 8 महीने और 27 दिन बड़ी थीं। इन्हें सभी गोपियों में से सबसे बड़ी गोपी माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि देवी ललिता का जन्म करहला में हुआ था और इसके बाद उनके पिता उन्हें उच्चागांव ले आए।

ऊँचा गांव में ललिता देवी से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थान उपलब्ध हैं। यहां एक ऐसी चट्टान भी मौजूद है, जिस पर उनके चरणों के निशान बने हुए हैं। इस स्थान को भक्त उन बर्तनों से भी जोड़ते हैं, जिनका उपयोग भगवान कृष्ण को भोजन परोसने के लिए करती थीं।

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ललिता सप्तमी 2026 का महत्व

ललिता सप्तमी 2026 को ललिता देवी के अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। वैष्णव समुदाय में राधा-कृष्ण की सखियों और सहयोगियों के प्राकट्य दिवस के लिए भी बहुत शुभ माना जाता है। भक्तों के अनुसार, इन सखियों का सम्मान करना राधा-कृष्ण की भक्ति का अभिन्न अंग है। इस पर्व को मुख्य रूप से वृंदावन, मथुरा और ब्रजभूमि में मनाया जाता है। 

इस अवसर पर कई मंदिरों में राधारानी और भगवान कृष्ण के साथ ललिता और विशाखा की भी पूजा-अर्चना की जाती है। वृंदावन में स्थित ललिता कुंड ललिता देवी को समर्पित माना जाता है जो इनका एक प्रमुख तीर्थ है। इस स्थान पर भक्त ललिता देवी की पूजा करके उनका आशीर्वाद लेते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कुंड में स्नान या प्रार्थना करने से आध्यात्मिक शुद्धि और पापों से मुक्ति मिलती है। ललिता सप्तमी 2026 पर भक्त ललिता देवी के साथ-साथ राधा-कृष्ण की पूजा कर आध्यात्मिक उन्नति और भक्ति का आशीर्वाद मांगते हैं।

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ललिता सप्तमी 2026 का उत्सव

ललिता सप्तमी 2026 के शुभ अवसर पर भक्त पूजा, भजन, भोग और ललिता देवी से जुड़े स्थलों के दर्शन करते हैं। विभिन्न क्षेत्रों की परंपराओं के अनुसार भक्त ललिता सप्तमी 2026 के दिन ललिता देवी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। 

  • भक्त राधा-कृष्ण के मंदिरों में जाकर ललिता देवी की विशेष पूजा-अर्चना और प्रार्थना करते हैं। 
  • मंदिरों को फूलों से सजाया जाता है और  प्रसाद में ख़ास भोग लगाया जाता है। 
  • भक्तजन ललिता देवी की आरती करते हैं और भक्ति गीत गाते हैं।
  • वहीं, कुछ भक्त ललिता सप्तमी व्रत करते हैं। यह व्रत ख़ासतौर पर विवाहित दंपति अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए रखते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कृष्ण ने स्वयं ललिता सप्तमी व्रत करने के लिए कहा था। 
  • ललिता कुंड पर कई तरह के  के धार्मिक कार्य आयोजित किए जाते हैं और पवित्र जल से स्नान भी किया जाता है।
  • इस अवसर पर  भक्त उच्चागांव जाकर ललिता देवी से जुड़े धार्मिक स्थलों के दर्शन और पूजन करते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1.  ललिता सप्तमी 2026 में कब मनाई जाएगी?

 ललिता सप्तमी का पर्व 17 सितंबर 2026, गुरुवार को मनाया जाएगा। 

2. ललिता सप्तमी 2026 पर किसकी पूजा करें?

ललिता सप्तमी पर ललिता देवी और राधा रानी की पूजा की जाती है। 

3. ललिता सप्तमी व्रत कौन करता है?

ललिता सप्तमी व्रत मुख्य रूप से विवाहित महिलाओं द्वारा अपनी संतान के लिए किया जाता है।